(about noise pollution causes) ध्वनि प्रदूषण के बारे में कुछ रोचक तथ्य।

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ध्वनि प्रदूषण (noise pollution)

about noise pollution causes
क्या आप जानते हैं कि पूल पर जाते ही बैंड बजाने वाले और मार्च-पास्ट करने वाले क्यों शांत हो जाते हैं? क्योंकि उसमें इतनी शक्ति होती है कि उससे पुल टूटकर गिर भी सकता है।

क्या आप जानते हैं कि अमेरिका में प्रागैतिहासिक महत्व की अस्सी टन वाली दो चट्टानें जहाज के शोर से खंडित हो चुकी हैं।

यही नहीं ग्रैंड केनियन की प्राचीन गुफाओं में भी सुपरसोनिक जेट विमानों के शोर से दरार पड़ गयी है। ब्रिटेन में भी सेंटपॉल गिरजाघर और पार्लियामेन्ट भवन की खिड़कियों का काँच जेट विमानों के शोर से चटखकर बीखर चूका है।

ध्वनि प्रदूषण के प्रभाव

noise pollution effects
आखिर यह शोर है क्या ? वैज्ञानिकों के अनुसार कोई भी ध्वनि जबमानसिक क्रियाओं में विघ्न उत्पन्न करने वाली होती है, तो उस ध्वनि को शोर कहते हैं। शोर जहाँ छात्रों के लिए एकाग्रता, स्मरण तथा गणित जैस विषयों को हल करने में बाधा डालता है, वहीं गर्भ मे पल रहे शिशु में बहरेपन को भी पैदा करता है।

शोर की अधिकता से व्यक्ति को चक्कर आना, सिर तथा बदन में दर्द और ऐंठन भी चालू हो जाती है। वैज्ञानिको के अनुसार शोर मनुष्य को समय से पहले बूढ़ा कर देता है। भारत के प्रमुख महानगरों में अधिक शोर के कारण लोगों मे बहरेपन की शिकायतें बढ़ रही हैं। मानसिक परेशानी, कुंठा, निराशा तथा पागलपन का कारण भी यही शोर है। हृदय की धड़कन और रक्तचाप मे वृद्धि का कारण भी यही शोर है।

(about noise pollution causes) ध्वनि प्रदूषण के कारण

स्त्रोत       शोर की मात्रा
पत्तियों की फुसफुसाहट 10 डेसीबल
हल्की फुसफुसाहट 10 डेसीबल
सामान्य फुसफुसाहट 20 डेसीबल
दीवार घड़ी की टिक-टिक 20 डेसीबल
शांत कार्यालय 50 डेसीबल
सामान्य बातचीत 60 डेसीबल
हल्का ट्रेफिक 60 डेसीबल
सामान्य ट्रेफिक 70 डेसीबल
टेलीफोन की बातचीत 70 डेसीबल
व्यस्त कार्यालय 70 डेसीबल
चलती हुई ट्रेन 90 डेसीबल
इंजीनियरिंग वर्कशॉप 90-100 डेसीबल
मोटर का हॉर्न 110 डेसीबल
लोहे के पुल से गुजरती ट्रेन 110 डेसीबल
डिस्को संगीत 120 डेसीबल

(Decibel) डेसीबेल

ध्वनि को मापने के लिए डेसीबेल यूनिट (Decibel unit) का उपयोग किया जाता है जिसकी खोज अलेक्जेंडर ग्राहम बेल ने की थी।

ध्वनि प्रदूषण को मापने का यंत्र

(Noise pollution monitor) ध्वनि प्रदूषण को मापने के यंत्र भी उपलब्ध है जैसे (Sound Level Meter / Noise Level Meter).
आप चाहें तो अपने मोबाइल में application download करके भी इसकी जांच केर सकते है।

(noise pollution control) ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण

ध्वनि प्रदूषण को कम करने के लिए रेडियो, टीवी, स्टीरीयो की आवाज धीमी की जाए । मोटर साइकिल, बस, ट्रक, स्कूटर में लगे स्वचालित हॉर्न का प्रयोग का उपयोग न करें और लाउड स्पीकरों का प्रयोग बहुत धीमी गति में किया जाए। इससे ध्वनि प्रदूषण तो कम होगा साथ ही शोर से उत्पन्न खतरे मनुष्य को व्यधित नहीं करेंगे।

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