मृदा स्वास्थ्य कार्ड बनवाने के लिये मृदा परीक्षण का नमूना लेने का सही तरीका

मिट्टी ही पोधो की जड़ो के माध्यम से सहारा देती है, और पौधो के सभी पोषक तत्त्वों को उपलब्ध करवाती है, मृदा स्वास्थ्य कार्ड के माध्यम से मृदा परीक्षण करवाके मृदा में उपस्तित पोषक तत्वों की जानकारी प्राप्त केर सकते है.

मृदा में उपलब्ध मुख्य पोषक तत्व

पैरामीटर मानक स्तर इकाई 
1.पी एह (pH)अम्लीय : 6.5 से कम
सामान्य : 6.5-8.2 तक
क्षारिय : 8.2 से अधिक 
स्तर
2.ईसी (Ec)सामान्य : 1 से काम
मध्यम : 1 से 3 तक
हानिकारक : 3 से अधिक 
मिली म्होज
3.जैविक कार्बन (OC)निम्न : 0.5 से कम
मध्यम : 0.5 से 0.75
उच्च : 0.75 से अधिक 
प्रतिशत 
4.नाइट्रोजन (N)निम्न 250 से कम
मध्यम : 250 से 400
उच्च : 400 से अधिक 
कि.ग्रा/हे. 
5.फास्फोरस (P₂O₅)निम्न : 28 से कम
मध्यम : 28 से 56
उच्च : 56 से अधिक 
कि.ग्रा/हे. 
6.पोटेशियम (K₂O)निम्न : 250 से कम
मध्यम : 250 से 400
उच्च : 400 से अधिक 
कि.ग्रा/हे. 
7.सल्फर (S)कमी : 10 से कम
मध्यम : 10 से 20
पर्याप्त : 10 से अधिक 
पि.पि.एम.
8.जिंक (Zn)निम्न : 0.6 से कम
पर्याप्त : 0.6 से अधिक 
पि.पि.एम.
9.कॉपर (Cu)कम : 0.2 से कम
पर्याप्त : 0.2 से अधिक 
पि.पि.एम.
10.ऑयरन (Fe)कम : 4.5 से कम
पर्याप्त : 4.5 से अधिक 
पि.पि.एम.
11.मॅग्नीज़ (Mn)कम : 2 से कम
पर्याप्त : 2 से अधिक 
पि.पि.एम.
12.बोरॉन (B)कम : 0.45 से कम 
पर्याप्त : 0.45 से अधिक 
पि.पि.एम.

मृदा में उपलब्ध द्वितीयक एवं सूक्ष्म पोषक तत्व

पैरामीटर मृदा अनुप्रयोग सम्बंधित सिफ़रिशें 
1. सल्फर (S)सल्फर : 20 कि.ग्रा / हे.  
2.जिंक (Zn)जिंक सल्फेट : 25 कि.ग्रा / हे. 
3.कॉपर (Cu)कॉपर सल्फेट : 10 कि.ग्रा / हे. 
4.आयरन (Fe)फैरस सल्फेट : 20 कि.ग्रा / हे. 
5.मैगनीज़ (Mn)मैगनीज़ सल्फेट : 20 कि.ग्रा / हे. 
6.बोरॉन (B)बोरेक्स : 10 कि.ग्रा / हे. 

मृदा परीक्षण करवाने हेतु खतों से मिट्टी का नमूने कैसे लें 

  • ग्रेड आधार पर असिंचित भूमि में 10 हेक्टेयर से तथा सिंचित भूमि में 2.5 हेक्टेयर में एक कम अपोजिट नमूना लिया जाना चाहिए.
  • कृषक अपने खेतों की मिट्टी परीक्षण खरीफ और रबी की फसल कटने के बाद भी करवाया.
  • एक खेत में कम से कम 5 से 10 अलग-अलग जगह पर निशान लगाकर नमूने एकत्रित करें.
  • नमूने लेने वाले स्थान पर घास फूस पत्थर इत्यादि हटा लें.
  • पुरानी मेड व पड़ की चाव से नमूना न ले.
  • जिस खेत में हाल ही में खाद या उर्वरक डेल गए हो वहां से नमूना न ले.
  • इन सभी स्थानों पर खुरपी या फावड़े की सहायता से लगभग 15 से.मी (6 इंच) गहरा अंग्रेजी के (V) आसार का गड्ढा खोदकर मिट्टी निकले.
  • सभी चिन्हित जगहों से निकली गयी मिट्टी को एक साफ तगारी या टब में इकट्ठा करले और आपस में अच्छी तरह मिलाले.
  • मिली हुई मिट्टी को चार भगो में बांट लें, दो भाग रखे और दो भाग छोड़ दे, इसी प्रकार दोहराते रहे जबतक आधा किलो (500 ग्राम) मिट्टी शेष न रह जाये.
  • इस बची हुई मिट्टी को ग्रिड का प्रतिनिधि नमूना कहते है.
  • इस मिट्टी के नमूने को कपड़े या प्लास्टिक की थैली में रखे.
  • अपनी नज़दीकी मृदा परीक्षण प्रयोगशाला में या ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी को जाकर आवेदन पत्र में पूर्ण जानकारी भर कर नमूना जांच के लिए जमा करे.

मृदा परीक्षण मृदा स्वास्थ्य कार्ड सम्बंधित अधिक जानकारी के लिए https://www.soilhealth.dac.gov.in/ visit करे.
नमूने का परिणाम ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से या मिट्टी परीक्षण प्रयोगशला में स्यम जाकर दी गयी तिथि के अनुसार प्राप्त करे और और विशेषज्ञों द्वारा दी गई सिफारिशों पर अमल करे जैसे जैविक खाद, जैव उर्वरक, चुना/जिप्सम आदि जिससे कि खेत मैं किसी भी प्रकार के उर्वरक की कमी या अधिकता ना हो.

  • मृदा स्वास्थ्य कार्ड बनवाने की सुविधा सभी किसानों के लिए उपलब्ध है
  • इसको बनवाने के लिए आधार कार्ड और पावती की फोटोकॉपी की आवश्यकता पड़ती है
  • मिट्टी परीक्षण के लिए (V) आकार का ही गड्ढा खोदने का कारण है कि जिससे मिट्टी की ऊपरी, मध्यम व निचली सतह कि परतो से समान मात्रा में नूनने प्राप्त किए जा सकें
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